वित्तीय समावेशन और विकास

यह कार्य वित्तीय समावेशन, वित्तीय शिक्षण को बढ़ावा देने और ग्रामीण तथा एमएसएमई क्षेत्र सहित अर्थव्यवस्था के उत्पादक क्षेत्रों के लिए ऋण उपलब्ध कराने पर नवीकृत राष्ट्रीय ध्यानकेंद्रण का सार संक्षेप में प्रस्तुत करता है।

अधिसूचनाएं


प्राथमिकता-प्राप्त क्षेत्र को उधार – आगे उधार दिए जाने हेतु एनबीएफसी को बैंकों द्वारा ऋण

भारिबैं/2019-20/39
विसविवि.केंका.प्लान.बीसी.7/04.09.01/2019-20

13 अगस्त 2019

अध्यक्ष / प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी
सभी अनुसूचित वाणिज्यिक बैंक
(क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों और लघु वित्त बैंकों को छोड़कर)

महोदया / महोदय,

प्राथमिकता-प्राप्त क्षेत्र को उधार – आगे उधार दिए जाने हेतु एनबीएफसी को बैंकों द्वारा ऋण

उधारकर्ताओं के जरूरतमंद वर्ग को ऋण प्रदान करने में बढ़ोतरी के लिए, यह निर्णय लिया गया है कि आगे उधार दिए जाने हेतु पंजीकृत एनबीएफसी (एमएफआई के अलावा) को बैंक ऋण निम्नलिखित शर्तों के अधीन संबंधित श्रेणियों के तहत प्राथमिकता-प्राप्त क्षेत्र के रूप में वर्गीकरण के लिए पात्र होंगे।

  1. कृषि : कृषि के तहत ‘मियादी ऋण’ घटक के लिए एनबीएफसी द्वारा आगे उधार दिए जाने हेतु प्रति उधारकर्ता रु.10 लाख तक की अनुमति दी जाएगी।

  2. सूक्ष्म और लघु उद्यम : एनबीएफसी द्वारा आगे उधार दिए जाने हेतु प्रति उधारकर्ता रु.20 लाख तक की अनुमति दी जाएगी।

  3. आवास : प्राथमिकता-प्राप्त क्षेत्र को उधार पर जारी हमारे मास्टर निदेश के पैरा 10.5 के अनुसार एचएफसी द्वारा आगे उधार दिए जाने हेतु मौजूदा सीमाओं को बढ़ाकर रु.10 लाख प्रति उधारकर्ता से रु.20 लाख प्रति उधारकर्ता किया गया है।

2. उपरोक्त ऑन-लेंडिंग मॉडल के तहत, बैंक इस परिपत्र के जारी होने की तिथि या उसके बाद एनबीएफसी द्वारा बैंक द्वारा लिए गए ऋणों में से स्वीकृत किए गए केवल नए ऋणों को वर्गीकृत कर सकते हैं। हालांकि, मौजूदा ऑन-लेंडिंग दिशानिर्देशों के तहत एचएफसी द्वारा दिए गए ऋणों को बैंकों द्वारा प्राथमिकता-प्राप्त क्षेत्र के अंतर्गत वर्गीकृत किया जाना जारी रहेगा।

3. आगे उधार दिए जाने हेतु एनबीएफसी को बैंक ऋण, व्यक्तिगत बैंक की कुल प्राथमिकता-प्राप्त क्षेत्र के पांच प्रतिशत की सीमा तक जारी करने की अनुमति होगी। इसके अलावा, उपरोक्त निर्देश 31 मार्च 2020 तक चालू वित्तीय वर्ष के लिए मान्य होंगे और उसके बाद इसकी समीक्षा की जाएगी। हालांकि, ऑन-लेंडिंग मॉडल के तहत संवितरित ऋणों को चुकौती / परिपक्वता की तारीख तक प्राथमिकता-प्राप्त क्षेत्र के तहत वर्गीकृत किया जाना जारी रहेगा।

4. प्राथमिकता-प्राप्त क्षेत्र को उधार पर जारी मास्टर निदेश के पैरा 19 में किए गए उल्लेख के अनुसार एमएफआई को आगे उधार दिए जाने हेतु बैंक ऋणों पर मौजूदा दिशानिर्देश एनबीएफसी-एमएफआई के लिए लागू रहेंगे।

5. यह दिशानिर्देश इस परिपत्र के जारी होने की तारीख से प्रभावी होंगे।

भवदीय,

(गौतम प्रसाद बोरा)
प्रभारी मुख्य महाप्रबंधक

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