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बैंक ऋण वितरण सर्वेक्षण- Q4:2021-22

आज रिज़र्व बैंक ने अपने तिमाही बैंक ऋण सर्वेक्षण के 19 वें चक्र का परिणाम जारी किए1। इसमें बड़े आर्थिक क्षेत्रों के लिए ऋण प्रतिमानों (जैसे-ऋण की मांग, ऋण के लिए नियम और शर्तें) के संबंध में बड़े अनुसूचित वाणिज्य बैंकों के गुणात्मक मूल्यांकन एवं प्रत्याशाओं को संग्रहित किया जाता है2। सर्वेक्षण के अद्यतन चक्र में वरिष्ठ ऋण अधिकारियों के ऋण के प्रतिमानों पर वित्तीय वर्ष 2021-22 की चौथी तिमाही के लिए मूल्यांकन और 2022-23 की पहली तिमाही के लिए उनकी अपेक्षाओं को एकत्रित किया गया। कोविड-19 महामारी के कारण व्याप्त अनिश्चितता के चलते आगे की दो और तीन तिमाहियों के लिए परिदृश्य का मूल्यांकन करने हेतु सर्वेक्षण के इस चक्र में अतिरिक्त एक ब्लॉक सम्मिलित किया गया।

विशेष:

क. 2021-22 की चौथी तिमाही के लिए मूल्यांकन

  • बैंकों ने वित्तीय वर्ष 2021-22 की चौथी तिमाही में सभी प्रमुख क्षेत्रों हेतु ऋण की मांग में सुधार होने का मूल्यांकन किया है और उनका यह मूल्यांकन पिछले सर्वेक्षण दौर के करीब पाया गया (चार्ट 1 और सारणी 1)।

  • समान्यतया ऋण के नियमों व शर्तों मे ढील हुई है विशेष रूप से कृषि, विनिर्माण तथा आधारभूत क्षेत्रों में ढील के साथ (सारणी 2)।

ख. 2022-23 की पहली तिमाही के लिए अपेक्षाएं

  • बैंकों का वित्तीय वर्ष 2022-23 की पहली तिमाही में सभी प्रमुख क्षेत्रों में ऋण की मांग के बारे में रूख बहुत सकारात्मक रहा हैं यद्यपि आशा का स्तर पिछले सर्वेक्षण से कुछ कम था।

  • 2022-23 की पहली तिमाही में ऋण के नियमों एवं शर्तों के निरंतर आसान होने की उम्मीद है।

ग. 2022-23 की द्वितीय तथा तृतीय तिमाही के लिए अपेक्षाएं

  • बैंकों ने वित्तीय वर्ष 2022-23 की तीसरी तिमाही तक ऋण की मांग में सभी मुख्य क्षेत्रों में अनुक्रमिक सुधार होने की संभावना व्यक्त की है (सारणी 3)।

  • बैंकों को उम्मीद है कि वित्तीय वर्ष 2022-23 की दूसरी तथा तीसरी तिमाही में ऋण के नियमों एवं शर्तों में और शिथिलता आएगी।

Chart 1: Loan Demand-All Sectors


Table 1: Sector-wise Loan Demand - Net responses3
(Per cent)
Sectors Assessment Period Expectations Period
Q3:2021-22 Q4:2021-22 Q4:2021-22 Q1:2022-23
All Sectors 46.6 44.8 51.7 46.6
Agriculture 36.2 40.0 44.8 38.3
Mining and Quarrying Sector 9.3 5.0 14.8 18.3
Manufacturing 46.6 45.0 44.8 35.0
Infrastructure 41.4 39.7 46.4 44.8
Services 53.6 43.3 48.2 46.7
Retail/Personal 53.8 48.1 57.7 44.4

Table 2: Sector-wise Loan Terms and Conditions - Net responses
(Per cent)
Sectors Assessment Period Expectations Period
Q3:2021-22 Q4:2021-22 Q4:2021-22 Q1:2022-23
All Sectors 18.5 19.0 25.9 22.4
Agriculture 17.9 26.7 28.6 21.7
Mining and Quarrying Sector 12.5 10.0 16.1 16.7
Manufacturing 29.3 33.3 32.8 31.7
Infrastructure 16.1 22.4 21.4 27.6
Services 31.0 26.7 32.8 26.7
Retail/Personal 35.2 33.3 33.3 31.5

Table 3: Sector-wise Expectations for extended period - Net responses
(Per cent)
Sectors Loan Demand Loan Terms and Conditions
Q2:2022-23 Q3:2022-23 Q2:2022-23 Q3:2022-23
All Sectors 53.4 53.4 22.4 25.9
Agriculture 51.7 48.3 26.7 26.7
Mining and Quarrying Sector 24.1 27.6 8.6 12.1
Manufacturing 51.7 50.0 23.3 26.7
Infrastructure 48.3 53.3 15.0 20.0
Services 53.3 51.7 25.0 30.0
Retail/Personal 56.7 58.3 28.3 30.0

Note: Please see the excel file for time series data.


1 पिछले सर्वेक्षण का प्रकाशन 10 फ़रवरी 2022 को भारिबैं की वेबसाइट पर किया जा चुका है। सर्वेक्षण के परिणाम उत्तरदाताओं के अभिमतों का प्रदर्शन करते हैं, जो जरूरी नहीं कि भारतीय रिज़र्व बैंक के विचारों को दर्शाए।

2 सर्वेक्षण प्रश्नावली का वितरण प्रमुख 30 अनुसूचित वाणिज्य बैंकों (एस.सी.बी) के बीच किया गया था, जो भारत में एससीबी द्वारा धारित क्रेडिट के 90 प्रतिशत के भागीदार हैं।

3 Net Response (NR) is computed as the difference of percentage of banks reporting increase/optimism and those reporting decrease/pessimism in respective parameter. The weights of +1.0, 0.5, 0, -0.5 and -1.0 are assigned for computing NR from aggregate per cent responses on 5-point scale i.e. substantial increase/ considerable easing, moderate increase/ somewhat easing, no change, moderate decrease/ somewhat tightening, substantial decrease/ considerable tightening for loan demand/loan terms and conditions parameters respectively. NR ranges between -100 to 100. Any value greater than zero indicates expansion/optimism and any value less than zero indicates contraction/pessimism. Increase in loan demand is considered optimism (Tables 1), while for loan terms and conditions, a positive value of net response indicates easy terms and conditions (Table 2).


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